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Page:AN-PM-54.pdf/11

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॥वाराई द्ये वि॥ रागः व्यागरा॥ला॥ वालाहि देवि छि चलन व़या जीश्रासनऺ॥ जये देवि वाहालाहि चरऺनसं लन गती॥ या की ओकी कचेओ लनऺ: छी के भगत्तीमा ई ॥वालाहि ॥१॥ ओ ये धुनपीघो ङाव़ सली लया ई दासनं ॥ कलु