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Page:AN-PM-13.pdf/242

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नेने पुन्य फल लाक ॥ ॥ ६ ॥ १ राग ॥ नाट ॥ परिमान ॥ ओने नुयो झि झि थ नि हरष याङाओ कथा भिन थम सिसे प्याषन हुयाओ ॥ नरेन्द्र लक्ष्मी परति नृप ति गुण दको कने थन ॥ ॥ ६ ॥ १ राग ॥ जय जमंति ॥ चो ॥ नय नाओति मा याओति व्याधाया परवेश भजलपे नृत्यनाथ ओने थओ छेस नटयास भास ओने, पुन्य फल लाक नरेन्द्र लक्ष्मी पति नृपतिन ल्हाक ॥ ॥ ६ ॥ १ राग ॥ आ सावरि ॥ चो ॥ वनस ओङाओ , सोय सिकार नि याय चलागु फा पंक्षि जन ह को जिन लाय ॥ हा हा रे हरष यानाओ तन मन ओया जि रसन ॥ १ ॥ नरे