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Page:AN-PM-13.pdf/232

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ङा राधा जुया मनतिओ थुति दुःख हेङा ॥ ॥ ६ ॥ १ राग ॥ श्री ॥ प्र ॥ जोगी जि ओनह मारा ॥ कौने भोल सामाहि हे मारंति भमरा ॥ १ ॥ जाभि रागी त यकयल हो नीसि जोगी ॥ पुरुव सुकृत फलसेहो अनुरागी ॥ २ ॥ हार मा ल द्यं ठायिते परद्य धंदा ॥ कौने भोल साँहि ह वाघ छाला वंधा ॥ ३ ॥ मागि चा हि आन सिव दंवरु व जायि ॥ शिवके भोजन माहि हे ध भुरग जायि ॥ ४ ॥ चंदन तिलक शोभेउन फणिपति ॥ केओल हन गे माहि हे केश जगजोति ॥ ५ ॥ भजक विराज गावे जुग जुगलेओ ॥ चंद्ररदेवी पति वैजनाथ देवा ॥