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भस्म झालि ॥ २ ॥ पर चनि आय लको द सुषाओल वाघकि छाला विछायि ॥ हमच अभागिनी षानि चगेल व साहको द सुषाओ ॥ ३ ॥ माइन सोच ल वापन षो जल षो जल देव अपने ॥ विधितले खल मतन पाओल झाकि य मन हमारे ॥ ४ ॥ पेट पतंकल गाल चटंकल पाप भमर भुलाई ॥ ए क दिन भुपणस हन पाओल मासे मासे उपवासे ॥ ५ ॥ वासुखि जिओत प्रवन पिओत हर जु उख विष पाई ॥ संवक स्वामू द्व भय मिलल हमार कौन उपायी ॥ ६ ॥ भन य विद्यापति सुन पारवति स्वामि केन वोलो मं